भोपाल। आयकर विभाग ने लोहे के दलाल और व्यापारियों की मिलीभगत से चल रहा 120 करोड़ रुपए का गोरखधंधा पकड़ा है। यह लोग कागजों पर लोहे की खदीद-फरोख्त बताकर आयकर को चूना लगा रहे थे। इन दलालों और व्यापारियों से अब तक 40 करोड़ से ज्यादा की आयकर की चोरी का खुलासा हुआ है। विस्तृत जांच-पड़ताल में यह आंकड़ा और ज्यादा बढ़ सकता है।
आयकर विभाग ने मंगलवार को लोहे के पांच दलालों के एक दर्जन ठिकानों पर छापे के कार्रवाई की थी। सूत्रों के मुताबिक पीयूष गुप्ता, भारत कोठारी, श्री खंडेलवाल और श्री आहूजा शामिल है। यह सभी दलाल और व्यापारी इंदौर के हैं। दो दिन से चल रही इस कार्रवाई में आयकर विभाग ने करोड़ों रुपए का गोरखधंधा उजागर किया है। छापे में बड़ी मात्रा में दस्तावेज और प्रापर्टी के कागजात मिले हैं। छापे के लिए भोपाल मुख्यालय से आयकर की टीम इंदौर गई है। भोपाल और इंदौर की संयुक्त यह कार्रवाई देर रात तक जारी थी। इन व्यापारियों ने दो करोड़ रुपए सरेंडर कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक यह दलाल और व्यापारी कागजों पर लोहे की खरीद फरोख्त कर आयकर को चूना लगा रहे थे। यह दलाल व्यापारियों को फर्जी बिल जारी करते थे। सूत्र बताते हैं कि इसमें इंदौर की एक प्रतिष्ठित लोहा कंपनी भी शामिल बताई जाती है। ये व्यापारी और कंपनी इन बिलों को अपने दस्तावेजों में लगाकर उतनी राशि का खर्च बता देते थे। जिससे वह राशि खर्च में आ जाती थी और व्यापारी आयकर बचाने में कामयाब हो जाते थे। व्यापारियों और दलालों की मिलीभगत से यह गोरखधंधा सालों से चल रहा था। हालांकि इनमें से कई दलाल नियमित रुप से अपने रिटर्न दाखिल करते थे, लेकिन उसमें भी कई अनियमितताएं पाई गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग अब इन व्यापारियों और दलालों के यहां से मिले दस्तावेजों की विस्तृत जांच पड़ताल करेगा। उनके ठिकानों से करोड़ों रुपए की प्रापर्टी के कागजात,अब यह पता लगाया जाएगा कि इन दलालों ने कितने व्यापारियों और कंपनियों को बोगस बिल जारी कर आयकर को चूना लगाया है। सूत्रों के मुताबिक ऐसे व्यापारियों पर अब शिकंजा कसा जाएगा।
गुरुवार, 2 अक्टूबर 2008
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