बुधवार, 8 अक्टूबर 2008

चेहरा ढककर चलने वालों की खैर नहीं !

भोपाल। यदि आप राजधानी में चेहरा ढककर चलने के आदी हो गए हैं तो सतर्क हो जाइए। अब आप पुलिस की कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे। यातायात पुलिस का राजधानी में बढ़ती लूट की घटनाओं के मद्देनजर चैकिंग अभियान जारी है। इस अभियान में महिलाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। अभियान के तीसरे दिन मंगलवार को लिंक रोड पर की गई चैकिंग में तीस लोगों के चालान बनाए गए।
चैकिंग अभियान में वैसे पुलिस के निशाने पर पुरुष या युवा वर्ग हैं। इसकी वजह लूट की वारदातों में ज्यादातर युवा वर्ग का होना है। हाल में तीन-चार घटनाएं बाइक सवार उन बदमाशों ने की हैं, जो मुंह पर कपड़ा बांधकर चल रहे थे। तीन दिन में लगभग सौ से अधिक युवक-युवतियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। पुलिस ऐसे युवक-युवतियों के खिलाफ परिचय छुपाने के नाम पर चालानी कार्रवाई कर रही है।
एएसपी ट्रैफिक महेन्द्र सिंह सिकरवार का कहना है कि मोटरयान अधिनियम में मुंह पर कपड़ा बांधकर चलने का नहीं, सिर्फ हेलमेट लगाने का प्रावधान है। 18 साल से कम उम्र के लड़के-लड़कियां वाहन चला रहे हैं। उनके पास लाइसेंस नहीं होता है। ऐसे में उनके खिलाफ बिना लाइसेंस वाहन चलाने के साथ उन्हें वाहन उपलब्ध कराने वाले पर जुर्माना किया जाएगा। फिलहाल तो उन्हें रोककर समझाइश दी जा रही है। उनके नाम, पते भी लिखे जा रहे हैं। इसके बाद उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी बार मुंह पर कपड़ा बांध कर चलते हुए जो युवक-युवतियां मिल रहे हैं, उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस कप्तान के निर्देश हैं कि जो महिलाएं या युवतियां कपड़ा बांधकर चल रही हैं, उनकी चैंकिंग महिला पुलिस अधिकारी से कराई जाए।
चैकिंग तो युवतियों की भी हो रही है, लेकिन हमारा जोर पुरुषों पर है। पिछले दिनों में लूट की कुछ वारदातें मुंह पर कपड़ा बांधकर चल रहे बाइक सवार बदमाशों ने की थी, इसलिए यह अभियान चलाया जा रहा है। जयदीप प्रसाद, एसपी भोपाल

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