बुधवार, 8 अक्टूबर 2008

40 फीसदी मंत्रियों के कट सकते हैं टिकट

नई दिल्ली में नायडू द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल होने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार सुबह प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, संगठन महामंत्री माखन सिंह, सह संगठन मंत्री भगवतशरण माथुर और अरविंद मेनन के साथ विमान से दिल्ली पहुंचे और देर रात भोपाल लौटे। इन नेताओं ने नायडू के समक्ष पार्टी और सरकार द्वारा कराए गए सर्वे तथा आंतरिक आंकलन की रिपोर्ट के साथ संभावित प्रत्याशियों के पैनल पेश किए। संगठन मंत्रियों ने अपने प्रभार के क्षेत्रों का फीडबैक भी दिया। नायडू के साथ हुई इन नेताओं की लंबी चर्चा सर्वे रिपोर्ट और सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों के संभावित उम्मीदवारों पर ही केंद्रित रही। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने की संभावना और प्रत्याशी चयन के लिए कराए गए इन सर्वे की अलग-अलग रिपोर्ट ने पार्टी को चक्कर में डाल रखा है। एक सर्वे जहां एक दर्जन से अधिक मंत्रियों सहित पचास से अधिक विधायकों को बदलने पर पार्टी की सरकार बनने का इशारा कर रहा है, तो सरकारी स्तर पर हुआ सर्वे भाजपा को सबसे बड़ा दल बताते हुए त्रिशंकु विधानसभा के संकेत दे रहा है। छोटे दलों द्वारा हो रहे नुकसान का भी इसमें उल्लेख है।
सर्वे तथा आंतरिक आंकलन बड़े पैमाने पर विधायकों के टिकट काटने की पैरवी कर रहे हैं। इस आधार पर बने संभावित उम्मीदवारों के पैनल के साथ प्रदेश नेतृत्व ने तमाम सर्वे रिपोर्ट सोमवार को वेंकैया नायडू के समक्ष रखी। प्रदेश में रायशुमारी पूरी होने की जानकारी भी दी गई। सूत्रों के अनुसार इस दौरान तय हुआ कि प्रदेश चुनाव समिति की बैठकें 11 से 13 अक्टूबर के बीच रखी जाएं, जिसमें नायडू भी मौजूद रहेंगे। इन बैठकों में पहले से तैयार पैनल और रायशुमारी की रिपोर्ट को सामने रखकर अंतिम रूप से प्रत्याशियों के पैनल बनाए जाएंगे।

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