चुनाव आचार संहिता लगते ही भारतीय जनता पार्टी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अब भाजपा को पांच साल में किए गए वादों, झूठे आश्वासन और कोरी घोषणाओं पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। इस सरकार के कार्यकाल में सरकारी अफसरों की मदद से किए गए आयोजनों पर हुए फिजूल खर्च और सरकारी जमीनों की बंदरबांट की भी जांच होना चाहिए। यह कहना है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी का। वे मंगलवार को पीसीसी में संवाददाताओं से चर्चा कर रहे थे।
श्री पचौरी ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बुधनी और होशंगाबाद में रेत खदानों के लिए मारामारी हो रही है। खनिज घोटाले हो रहे हैं। जिन लोगों के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष श्रीमती जमुना देवी ने रेत माफिया होने की शिकायत की थी, उन पर कार्रवाई करने की जगह लालबत्ती दे दी गई। उन्होंने सरकार की खामियां गिनाते हुए कहा कि 11 पंचायतों में 341 घोषणाएं की गई थीं, इनमें से 59 अब तक पूरी नहीं हुई हैं। 41 महीनों में 1,00,453 बच्चे कुपोषण से एक साल की उम्र से पहले ही मौत के मुंह में चले गए। प्रदेश 1,94,711 आपराधिक मामले दर्ज कर देश में सबसे अधिक अपराध होने वाला राज्य बन गया। प्रदेश में शिक्षित बेरोजगारों की संख्या बढ़ी है, पूर्ण साक्षरता का वादा करने वाली सरकार में 63.7 फीसदी ही साक्षरता है, आज भी 58 फीसदी बच्चे प्राथमिक शिक्षा प्राप्त कर स्कूल छोड़ देते हैं। श्री पचौरी ने कहा कि इस सरकार में पांच मेडिकल कालेजों को मान्यता समाप्त हो गई, कृषि की उपेक्षा हुई, सांप्रदायिक दंगे हुए, बुरहानपुर विधायक पर झूठा मुकदमा दर्ज किया और आदिवासियों को बेदखल किया गया।
हाईकमान तय करेगा, चुनाव लड़ूंगा या नहीं
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी ने कहा कि वह पार्टी के आदेश का पालन करेंगे, उन्हें उम्मीदवार बनाना है या नहीं, इसका निर्णय केन्द्रीय चुनाव समिति और आलाकमान करेगा। यह पूछने पर कि कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची कब तक जारी होगी, उन्होंने कहा कि केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक की तिथि अभी तय नहीं हुई है। उसकी बैठक के बाद ही उम्मीदवारों की सूची जारी हो सकेगी। उन्होंने कहा कि जीतने योग्य उम्मीदवार पार्टी टिकट का हकदार होगा। विधानसभा चुनाव घोषणा पत्र के बारे में श्री पचौरी ने कहा कि प्रदेश चुनाव घोषणा पत्र समिति की तीन बैठकें हो चुकी हैं और हम घोषणा पत्र को अंतिम रूप दे रहे हैं, लेकिन इसे अंतिम स्वरूप तो केन्द्रीय चुनाव घोषणा पत्र समिति ही देगी। कांग्रेस सांसद माणिक सिंह और पूर्व मंत्री प्रेमनारायण ठाकुर के भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि चुनाव के समय नेता इधर से उधर होते रहते हैं, इसमें कोई खास बात नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में श्रीमती सोनिया गांधी की आमसभा के लिए लाल परेड मैदान नहीं दिया गया।
बुधवार, 15 अक्टूबर 2008
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