रविवार, 28 सितंबर 2008

मप्र में आडवाणी नहीं बिकाऊ माल

भोपाल। भाजपा ने कुछ साल पहले नारा दिया था 'सब पर भारी अटलबिहारी'। यह नारा ही अब उसके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी पर भारी पड़ रहा है। पार्टी के सबसे बड़े नेता आडवाणी मध्यप्रदेश में बिकाऊ माल नहीं है। उनसे ज्यादा बिक्री मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की हो रही है।
भाजपा प्रदेश कार्यालय के सामने लगी प्रचार सामग्री की दुकानें तो यही हकीकत उजागर कर रही हैं। इन दुकानों पर जो सामग्री है, वह सब पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी पर आधारित हैं। विधानसभा चुनाव मध्यप्रदेश में होना है इसलिए इन दुकानों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विभिन्न मुद्रा में पोस्टर भी हैं। परंपरागत रूप से बिल्ले, बैच, गमछा, बिंदी और अन्य प्रचार सामग्री भी इन दुकानों पर है। यहां तैनात रमेश बताता है कि भाजपा में सबसे अधिक मांग अटलबिहारी वाजपेयी वाले पोस्टर, डंगलर तथा स्टीकरों की है। आडवाणी क्यों नहीं? पूछने पर वे बताते हैं कि उनकी डिमांड अभी तक नहीं आई है। आर्डर पर उनकी सामग्री भी छपवाई जा सकती है। प्रचार सामग्री का यह सच भाजपा की उन तैयारियों के उलट है, जिसमें पार्टी ने हर मतदान केंद्र तक आडवाणी का पोस्टर व कट आउट पहुंचाने के निर्देश प्रदेश इकाई को दिए हैं।
लोकसभा चुनाव पर ध्यान केंद्रित करते हुए विधानसभा के मैदान में उतर रही भाजपा आडवाणी को वाजपेयी की तरह पार्टी का सर्वमान्य नेता साबित करना चाहती है। यही वजह है कि प्रदेश के चुनाव प्रभारी और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने अपनी कार्ययोजना में आडवाणी पर केंद्रित प्रचार सामग्री मतदान केंद्रों तक पहुंचाने का निर्देश दिया है। कार्यकर्ता महाकुंभ के दौरान उनके इस निर्देश का पालन भी हुआ। कार्यकर्ताओं को दिए गए थैले में आडवाणी का एक पोस्टर था तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर केंद्रित पुस्तक। इस थैले के एक ओर अकेले आडवाणी का चित्र बना है। दूसरी तरफ भाजपाध्यक्ष राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के चित्र छापे गए हैं। पार्टी की इतने प्रयासों के बावजूद प्रचार सामग्री बेचने वालों को आडवाणी के ग्राहक नहीं मिल रहे। शीला इंटरप्राइजेस के नारायण बताते हैं कि अभी उन्होंने अटल पर केंद्रित सामग्री के अलावा शिवराज सिंह चौहान के पोस्टर छपवाए हैं। कुछ सामग्री में अटल के साथ आडवाणी भी हैं, लेकिन केवल आडवाणी वाली सामग्री की मांग अभी तक नहीं आई है।
आडवाणी के साथ लगाना पड़े अटल के कटआउट
कार्यकर्ता महाकुंभ के दौरान भाजपा ने आडवाणी को प्रोजेक्ट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। महाकुंभ स्थल के चारों ओर के रास्तों पर आडवाणी, राजनाथ, शिवराज और तोमर के कट आउट लगाए गए थे। कुछ स्थानों पर इस दौरान अटलबिहारी वाजपेयी के कट आउट भी दिखे।

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