भोपाल। मां भवानी की उपासना का पर्व शारदेय नवरात्रि मंगलवार से शुरू हो जाएगा। इसी दिन शाम को घट पूजा के साथ शहर भर में झांकियां रंग बिरंगी रोशनी से झिलमिलाने लगेंगी। नवरात्रि शुरू होने के साथ ही सड़कों के अलावा बाजारों में भी चहल-पहल नजर आएगी। पितृपक्ष के दौरान लोग कपड़ा, आभूषण तथा वाहन आदि की खरीद से बचते रहे। नवरात्रि पर्व के शुरू हो जाने के साथ ही शुभ मुहूर्त से लोग खरीदारी फिर शुरू करेंगे। पं. अरविंद तिवारी ने बताया कि नवरात्रि में नवग्रह से संबंधित दोषों, विविध प्रकार के अशुभ योग, अरिष्ट, कालसर्प दोष, मंगलदोष, अस्त, वक्री, अशुभ स्थिति, साढ़ेसाती, ढैया, अशुभ दशाओं के दुष्प्रभावों को दूर करने की उपासना की जाती है। वहीं ग्रहों के शुभ प्रभावों में वृद्धिकारक पूजा-उपासनाएं एवं अन्य ज्योतिषीय कर्म किए जा सकते है। उन्होंने घट स्थापना के संबंध में बताया कि घट स्थापना दिन में की जाती है। उस दिन प्रात:काल स्नान करके लाल आसन पर पूर्व की ओर मुंह करके बैठना चाहिए। पूजा सामग्री जिसमें रोली, मौली, केसर, सुपारी, चावल, जौ, सुगंधित पुष्प, इलायची, लौंग, पान, सिन्दूर, दूध, दही, शहद, गंगाजल, शक्कर, शुद्ध घी, वस्त्र यज्ञोपवीत, तांबे का कलश, पंचपात्र, चौकी, कपड़ा (बिछाने हेतु) दुर्गा प्रतिमा या फोटो, नारियल, दीपक, रुई आदि से मां का श्रद्धापूर्वक पूजन करे। वहीं शहर भर में आठ सौ से भी अधिक स्थानों पर सार्वजनिक रूप से विराजी जा रही झांकियों का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है।
बाबा अमरनाथ की गुफाएं- मां पाताल भैरवी समिति द्वारा स्थापित कोटरा स्थित झांकी में इस वर्ष बाबा अमरनाथ की गुफा के दर्शन होंगे। इसमें भगवान भोलेनाथ के सभी रूपों के दर्शन कराए जाएंगे। समिति के अध्यक्ष संतोष पांडेय व दीपक सराठे ने बताया कि झांकी में त्रिवेणी संगम का रुप भी दिखाया गया है। वहीं सर्प विशेषज्ञ सलीम द्वारा सर्पो की विशेष जानकारियां दी जाएगी। समिति के सचिव विकास शर्मा ने बताया कि झांकी में मां भवानी की छह फीट की आकर्षक प्रतिमा होगी। झांकी संपूर्ण लागत करीब सात लाख रुपए है।
हिमालय के दर्शन- न्यू मार्केट व्यापारी दुर्गा उत्सव समिति द्वारा रोशनपुरा चौराहे पर स्थापित झांकी में हिमालय के दर्शन कराए जाएंगे। इसमें हिमालय के स्वरूप में 65 फुट ऊपर से झरना बहता हुआ दिखाई देगा। मां भगवती की 15 फीट ऊंची आकर्षक प्रतिमा होगी। समिति के अध्यक्ष अजय कुदेशिया ने बताया कि झांकी की लागत करीब पांच लाख रुपए होगी।
राम दरबार के दर्शन- कोलार दुर्गा उत्सव समिति द्वारा सर्वधर्म में बनाई गई झांकी में राम दरबार के दर्शन होंगे। समिति के अध्यक्ष अमित शुक्ला व रामानंद सिंह ने बताया कि झांकी में लंका दहन भी बताया जाएगा। झांकी की लागत करीब साढ़े तीन लाख रुपए आएगी।
जबलपुर का भेड़ाघाट- जयश्री कैला मां शीतला माता सेवा समिति टीला जमालपुरा में साढ़े चार हजार वर्ग फीट में झांकी का निर्माण किया गया है। समिति अध्यक्ष संतोष शिवहरे व वरुण गुप्ता ने बताया कि झांकी में जबलपुर के भेड़ाघाट का स्वरूप बनाया गया है। झांकी में 70 फीट लंबी गुफा होगी और मां भवानी की 12 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसकी संपूर्ण लागत करीब तीन लाख रुपए होगी।
बाल स्वरूप के दर्शन- नव दुर्गा उत्सव समिति दुर्गा चौक टीन शेड में भगवान राम, श्रीकृष्ण, गणेश जी के बाल स्वरूपों के दर्शन कराए जाएंगे। समिति के अध्यक्ष अजय घोष व धीरेंद्र राजपूत ने बताया कि झांकी में माता की 10 फीट की भव्य प्रतिमा विराजित की जाएंगी। झांकी की लागत करीब साढ़े तीन लाख रुपए तक होगी।
जनकपुरी- राजधानी में सर्वप्रथम सार्वजनिक दुर्गा उत्सव के रूप में जनकपुरी में इस बार भी मां भवानी की प्रतिमा परंपरागत रुप से होगी। श्री दुर्गा उत्सव राम बारात समारोह समिति के उपाध्यक्ष अनुपम अग्रवाल ने बताया कि यहां से पंचमी पर परंपरागत राम बारात चल समारोह भी निकाला जाएगा।
पहाड़ी वाला माता का मंदिर- दुर्गा उत्सव समिति एमपी नगर में गुफाओं से होते हुए दर्शक पहाड़ों वाली माता के दर्शन करेंगे। इस बार झांकी अपनी परंपरागत जगह ज्योति टाकीज के पास न होकर बृजवासी मिष्ठान भंडार के पीछे खाली पड़ी जमीन पर बनाई गई है। इसकी लागत करीब तीन लाख रुपए है।
स्वर्ण मंदिर- दुर्गा उत्सव समिति बरखेड़ा में इस बार अमृतसर स्वर्ण मंदिर के दर्शन कराएं जाएंगे।
रविवार, 28 सितंबर 2008
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