गुरुवार, 27 नवंबर 2008

आज उम्मीदवारों का भाग्य लिखेगा मतदाता

भोपाल। हंग असेंबली की आशंकाओं के बीच मध्यप्रदेश का मतदाता गुरुवार 27 नवंबर को 13 वीं विधानसभा का भाग्य लिखेगा। कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक होने वाले मतदान में कौन सिरमौर बनेगा, आठ दिसंबर को आने वाले नतीजे बताएंगे। प्रदेश में इस बार भी मुख्य मुकाबला सत्तासीन भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच है, लेकिन उमा भारती की भाजश, मायावती की बसपा तथा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी सहित अन्य छोटे दल भी अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं।
प्रदेश के सभी 230 क्षेत्रों में शांतिपूर्ण व निष्पक्ष मतदान कराने के लिए पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों के साथ ही सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राज्य निर्वाचन कार्यालय के सूत्रों के अनुसार गुरुवार सुबह आठ बजे से 47 हजार 209 मतदान केंद्रों पर मतदान शुरू हो जाएगा, जो शाम पांच बजे तक चलेगा। राज्य के चुनावी समर में उतरे 1369 निर्दलीयों समेत 3179 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में बंद हो जाएगा। कुल प्रत्याशियों में 196 महिलाएं और 2983 पुरूष शामिल हैं।
प्रदेश में 1,71,63,358 महिलाओं समेत 3,62,79,173 मतदाता मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे। मतदान के लिए फोटोयुक्त मतदाता परिचय पत्र आवश्यक किया गया है, लेकिन जिन मतदाताओं को परिचय पत्र नहीं मिल पाए, वह निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित 13 वैध दस्तावेजों के आधार पर वोट डाल सकेंगे।
आयोग का दावा है कि राज्य में लगभग 94 प्रतिशत मतदाताओं को फोटोयुक्त परिचय पत्र जारी किए जा चुके हैं। तेरहवीं विधानसभा के इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के 228- 228 प्रत्याशी मैदान में हैं। बसपा के 228,
समाजवादी पार्टी के 187 भारतीय जन शक्ति के 197, शिवसेना के 29, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 21, मा‌र्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 14, राष्ट्रीय जनता दल के चार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दो और अन्य दलों के 672 प्रत्याशियों की किस्मत दाव पर लगी है। प्रदेश के 47 हजार 209 मतदान केंद्रों पर एक लाख 88 हजार से अधिक कर्मचारियों को मतदान संबंधी कार्य संपन्न कराने के लिए तैनात किया गया है। बारह हजार से अधिक मतदान केंद्र संवेदनशील माने गए हैं। सुरक्षा के लिए 262 कंपनियों को तैनात किया गया है। नक्सली बहुल बालाघाट, मंडला और डिंडोरी जिलों के अलावा उत्तरप्रदेश की सीमा से लगे डकैत प्रभावित ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों की सीमाओं को सील करने के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।

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