सोमवार, 10 नवंबर 2008

48 घंटे सील रहेगा राजस्थान बार्डर

भोपाल। चुनाव आयोग ने राजस्थान बार्डर पर एक रणनीति के तहत पूरी चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं। इस सिलसिले में की जाने वाली सघन जांच के दायरे में दोनों राज्यों से गाड़ियों, असामाजिक तत्वों, शराब, हथियार और बगैर हिसाब की नगद राशि का परिवहन शामिल होगा। मतदान के दौरान 48 घंटे यह बार्डर पूरी तरह सील रहेगी।
प्रदेश के मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान से लगे प्रदेश के जिलों में कड़ी चौकसी के उपाय तत्काल किए जाएं। इसके अलावा ऐहतियाती जरूरी कदम भी उठाए जाएं। निर्देशों में कहा गया है कि राजस्थान से आवाजाही करने वाली गाड़ियों की कड़ी जांच की जाए। जांच का यह सिलसिला दिन के साथ रात में भी चलेगा। इसके लिए निर्धारित जांच चौकियों के साथ ही चलित रूप से भी जांच की जाएगी। यह पूरा काम दोनों राज्य एक-दूसरे से मशविरा कर अंजाम देंगे। आयोग ने असामाजिक तत्वों की दोनों राज्यों में आवाजाही रोकने के लिए मतदान समाप्ति के 48 घंटों के दौरान सीमाएं सील करने को कहा है। आयोग ने यह हिदायत राजस्थान में भी होने जा रहे विधानसभा चुनाव के दौरान वहां किए जाने वाले इंतजाम की समीक्षा के बाद दी है। आयोग का मानना है कि निर्वाचन अपराध करने और बाद में वहां से बच निकलने के लिए ये तत्व सीमाओं का सहारा ले सकते हैं। ये निर्देश सीमावर्ती सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को दिए हैं।
टीवी चैनलों पर राजनीतिक विज्ञापन के लिए समिति :
उच्चतम न्यायालय के फैसले पर अमल के सिलसिले में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने टीवी चैनलों और केबल नेटवर्क पर राजनीतिक विज्ञापनों के प्रसारण के लिए एक समिति गठित की है। यह समिति राजनीतिक दलों और संगठनों के विज्ञापन प्रसारण संबंधी आवेदनों का परीक्षण करेगी। समिति का अध्यक्ष अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आशीष श्रीवास्तव को बनाया गया है। इसके सदस्य भोपाल कलेक्टर मनीष रस्तोगी और दूरदर्शन केन्द्र भोपाल के केन्द्र निदेशक रहेंगे।
इसी तरह एक और समिति मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी जेएस माथुर की अध्यक्षता में गठित की गई, जो पहली समिति के फैसले के खिलाफ राजनीतिक दल, उम्मीदवार या किसी व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत शिकायत या अपील की सुनवाई करेगी। इसके बाद यह समिति प्रमाणीकरण संबंधी फैसला देगी।
तीन दिन पहले देना होगा विज्ञापन के लिए आवेदन :
हर पंजीकृत राजनीतिक दल और उम्मीदवार को विज्ञापन प्रसारण के न्यूनतम तीन दिन पहले आयोग द्वारा तयशुदा प्रारूप में आवेदन देना होगा। अन्य व्यक्तियों और गैर पंजीकृत दलों को यह आवेदन विज्ञापन प्रसारण के न्यूनतम 7 दिन पहले देना होगा।

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